राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान/ प्रधानमंत्री उच्च शिक्षा अभियान

राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) एक केंद्रीय प्रायोजित योजना (CSS) है। इसे राज्य में वर्ष 2013-2014 में उच्च शिक्षा के स्तर में सुधार करने तथा सभी को उच्च शिक्षा तक समानता और आसान पहुँच प्रदान करने के उद्देश्य से लागू किया गया था। इस CSS के अंतर्गत धन 90:10 के अनुपात में प्रदान किया जाता है, अर्थात 90% केंद्रीय हिस्सा और 10% राज्य हिस्सा। ये धनराशि राज्य के सरकारी तथा सरकारी सहायता प्राप्त उच्च शिक्षा संस्थानों को जारी की जाती है। RUSA के अंतर्गत जारी की गई अनुदान/धनराशि का उपयोग उच्च शिक्षा संस्थानों (HEIs) द्वारा सिविल कार्यों, मरम्मत एवं नवीनीकरण तथा उपकरणों की खरीद के लिए किया जाता है। RUSA हिमाचल प्रदेश समय-समय पर राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों के शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण, कार्यशालाएँ तथा बैठकें/सम्मेलन भी आयोजित करता है, ताकि राज्य में उच्च शिक्षा के स्तर को उन्नत किया जा सके।

RUSA दिशानिर्देशों के अनुसार, राज्य उच्च शिक्षा परिषद (SHEC) का गठन सरकार द्वारा प्रारंभ में अधिसूचना संख्या EDN-A-Ka(1)-16/2013 दिनांक 06/01/2014 के माध्यम से किया गया था। इसके पश्चात, राज्य विधानमंडल द्वारा पारित अधिनियम अर्थात हिमाचल प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद (स्थापना एवं विनियमन) अधिनियम, 2018 के माध्यम से भी इसे स्थापित किया गया। इस अधिनियम के पारित होने के बाद, राज्य सरकार द्वारा राज्य उच्च शिक्षा परिषद का विधिवत गठन किया गया।


वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता उच्च शिक्षा संस्थानों (HEIs) को निम्नलिखित RUSA घटकों के अंतर्गत प्रदान की जा रही है:-

क्रम संख्याRUSA के अंतर्गत घटकPM-UShA के अंतर्गत घटक
1विश्वविद्यालयों को अवसंरचना अनुदानबहु-विषयक शिक्षा एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय
2नए मॉडल डिग्री कॉलेजविश्वविद्यालयों को सुदृढ़ करने हेतु अनुदान
3मौजूदा डिग्री कॉलेजों का मॉडल डिग्री कॉलेजों में उन्नयनकॉलेजों को सुदृढ़ करने हेतु अनुदान
4कॉलेजों को अवसंरचना अनुदानलैंगिक समावेशन एवं समानता पहल
5समानता (इक्विटी) पहल
6व्यावसायिक (प्रोफेशनल) कॉलेजों को अनुदान
7मौजूदा कॉलेजों को मिलाकर क्लस्टर विश्वविद्यालय का निर्माण
8प्रारंभिक (Preparatory) अनुदान

राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) 1.0 (2013 से प्रारंभ) के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा प्रारंभ में कुल ₹225.425 करोड़ (MMER अनुदान सहित) स्वीकृत किए गए, जिसमें केंद्र का हिस्सा ₹202.88 करोड़ तथा राज्य का हिस्सा ₹22.54 करोड़ था। RUSA 2.0 (2018 से प्रारंभ) के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा ₹86.00 करोड़ स्वीकृत किए गए, जिसमें केंद्र का हिस्सा ₹77.40 करोड़ तथा राज्य का हिस्सा ₹8.60 करोड़ था।

प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-UShA) (2023 से प्रारंभ) के अंतर्गत परियोजना अनुमोदन बोर्ड (PAB) की बैठकें (पहली बैठक 17–18.01.2024, दूसरी बैठक 02.02.2024 तथा तीसरी बैठक 19.11.2024) में भारत सरकार द्वारा ₹179.75 करोड़ की स्वीकृति दी गई, जिसमें केंद्र का हिस्सा ₹161.77 करोड़ तथा राज्य का हिस्सा ₹17.98 करोड़ है।

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU), शिमला को बहु-विषयक शिक्षा एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय (MERU) के अंतर्गत चयनित किया गया है। इसके साथ ही सरदार पटेल विश्वविद्यालय (SPU), मंडी को विश्वविद्यालयों को सुदृढ़ करने हेतु अनुदान (GSU) के अंतर्गत चुना गया है। इसके अतिरिक्त चार महाविद्यालय—राजकीय महाविद्यालय दारलाघाट, राजकीय महाविद्यालय भलेई, DAV कॉलेज कांगड़ा, राजकीय महाविद्यालय मंडी—को कॉलेजों को सुदृढ़ करने हेतु अनुदान (GSC) के अंतर्गत तथा चार जिले—सिरमौर, चंबा, ऊना, कांगड़ा—को लैंगिक समावेशन एवं समानता पहल (GI&EI) के अंतर्गत शामिल किया गया है।

अब तक कुल ₹266.00 करोड़ की राशि शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त हो चुकी है, जिसमें से ₹262.00 करोड़ की राशि का उपयोग अब तक किया जा चुका है।